किसी को घर मिला हिस्से में या दुकान आई, मै घर में सबसे छोटा था , मेरे हिस्से में माँ आई। माँ बहुत छोटा शब्द है । मगर इस शब्द के अर्थ का अंत नहीं ..अनंत है । यह ऐसा शब्द है जो एक शिशु के चेहरें पर हसीं और मुस्कान का कारण है । जब बच्चे को कुछ नहीं मिलता , सिर्फ माँ मिल जाती है तो वह सब कुछ पा लेता है । इसी तरह बुजुर्ग लोग भी अपने जीवन के अंत समय में अपनी माँ और देवी माँ का ध्यान करते रहते हैं| आज के समय में दोस्तों , तुम सब कुछ् पा लोगे, उससे भी कहीं ज्यादा पा लोगे। ये सब तुम्हारी माँ के दुआ का फल है। इसपे कभी ग़ुमान मत करना ... हमेशा तुम याद रखना उन्होंने अपना फ़र्ज़ निभा दिया ..अपने शरीर से सिंच कर तुम्हें ज़िला दिया । ..... कुछ प्रश्न् खुद से पूछना ... (1)- तुम क्या किये माँ के लिए ❓ (2)- क्या उनके अंतिम क्षण तक उनके साथ रहे ❓ माँ पे जितना भी लिखा जाये वो कम् है..माँ का वर्णन शब्दोंं में क्या किताबों में भी संभव नहीं है ..❤️🙏 आज के समय में हम सभी देख रहे है कि... हर जगह माँ पे (पोस्ट) की लहर छाई है , तो ...
* National technology day is observed every year on 11th May in India . * National technology day was first observed on may 11, 1999. this day marks the anniversary of POKHRAN, nuclear test of 1998 and Indian technology advancements in the space. * Pokhran nuclear test were a series of five nuclear bomb test explosions conducted by the Indian Army at the pokhran test range . * (Q)- Why was the day decleared as National technological day ? ANS-> On this day , we commemorate OPERATION SHAKTI the pokhran nuclear test conducted on May 11 ,1998. The government of India , officially 11th, May as a national technological day to commemorate on the 5th nuclear test that were successfully carried out on 11th May 1998. # OPERATION SHAKTI : POKHRAN (2) * ON 11TH MAY 1998, INDIA successfully fired oper...
चोट लगे तुझको तो दर्द मुझे होता है , भाई -भाई में अक्सर ये होता है। ... भाई बहुत छोटा शब्द है , मगर इसको परिभाशित करना बहुत है मुश्किल है। इसे ना तो शब्दोंं से और ना ही किसी किताबों से नाप सकते है । इसे बस भावनाएँ और दिल की गहराइयों से माप सकते है । जिंदगी में तीन मानव की अहम् भूमिका होती है- (1) भाई , (2) पिता , (3) माँ केवल भाई का ही रिश्ता ऐसा है।, जो पिता की तरह डांट सकता है , माँ की तरह दुलार सकता है , बहन की तरह लड़ सकता है, और दोस्त की तरह मुश्किल में खरा रह सकता है । भाई के बिना ना तो घर -घर होता है। और न ही अपने -अपने । और जिस घर में भाई का साथ होता है , वह घर फिर मंदिर होता है । 🙏🙏 भाई पर रख विस्वास् और खुदा पर आस्था । मुश्किल चाहे जैसी भी हो निकाल लेंगे कोई रास्ता । चाहे कितना भी लड़ लो भाई - भाई में, अगर आंच आई किसी औरोंं से लड़ाई में , तो सिर्फ काम तुम्हें भाई ही दे सकता है। अच्छे दोस्त और अच्छे भाई किस्मत वाले को मिलता है। बुरे समय में भी साथ निभाने ...
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